📝 रचना शीर्षक: [हीर राँझा - कैदों द्वारा हीर को ज़हर देकर मरवाना]
👤 कवि का नाम: [Anand Kumar Ashodhiya]
🎶 किस्सा / शैली: [Heer Ranjha]
🔖 Labels: [Anand Kumar Ashodhiya, Heer Ranjha, Virah Ras]
✍️ रचना:
[यहाँ अपनी रचना लिखें — हर पंक्ति अलग रखें, जैसे:]हीर राँझा - कैदों द्वारा हीर को ज़हर देकर मरवानावृतांत : हीर रांझे के विवाह में हीर की मौत पर रांझे का विलापतर्ज: नगरी नगरी द्वारे द्वारे ढूंढू रे सांवरियामेरी हीर मार कै गेर देई, तम्ह मन्नै भी मरवाइयो रैजो भी जहर दिया हीरे तै, वो मन्नै भी चटवाइयो रैआदिल शाह राजा के हुक्म तै, हीरे नै ब्याहवण आया थाहीरे नै ब्याहवण आया थाबिछड़े यार फेर मिलैंगे, चढ़या मन में घणा उम्हाया थाचढ़या मन में घणा उम्हाया थामैं तै मोड़ बाँध कै आया था, इस मोड़ नै परै बगाइयो रैसारे बदन में ज़हर फ़ैलग्या, मेरी हीरे लीली पड़गी रैमेरी हीरे लीली पड़गी रैहोंठ काळमा आँख मूँद रही, चेहरे की लाली झड़गी रैचेहरे की लाली झड़गी रैइकै कुणसी नागिण लड़गी रै, उतै मनै भी डसवाईयो रैहीरे तड़फ तड़फ कै मरगी, मैं तै खड़या देखता रहग्यामैं तै खड़या देखता रहग्यामेरे प्यार के मन मन्दिर का, यो बुर्ज किला सा ढहग्यायो बुर्ज किला सा ढहग्यामेरी आँख्यां में तै दरिया बहग्या, आँख्या की गर्द हटाइयो रैवो लाड्डू दियो मन्नै खुवा तुम्ह, जिसमें ज़हर मिलायाजिसमें ज़हर मिलायाचाचा हो कै डूब मरै नै, खुद बेटी तै ज़हर खिलायाखुद बेटी तै ज़हर खिलायाखुद आनन्द शाहपुर देखकै आया, उसनै याहड़ै बुलाइयो रै 🙂कॉपीराइट©️आनन्द कुमार आशोधिया©2025New Haryanvi Ragni #hitragni #hr #hr10 #ragnilover #ragnidesi #desi #desiragni #haryanvi_version #ragniversion #newharyanviragni #haryanvi #ragni #ragnistatus #ragnicompetition #haryanviragni #haryanvisong #anandkumarashodhiya #हरयाणवी #रागनी #आनन्दकुमारआशोधिया
📜 कवि परिचय:
[Anand Kumar Ashodhiya — : "हरियाणवी रागणी के क्षेत्र में सक्रिय, मंचीय कवि, लोक-संस्कृति के संवाहक"]
© [Anand Kumar Ashodhiya], सभी अधिकार सुरक्षित।

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